10 वजन कम करने वाले आहार – भारतीय शाकाहारियों के लिए (Indian weight loss foods in Hindi)

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वजन कम करने वाले आहारजैसे मोटापा कम करने के लिए एक डाइट की जरूरत होती हैं, वैसे ही उस डाइट को प्रभावी बनाने के लिए ऐसे आहार की जरूरत होती हैं जो आपका वजन कम करने मे मदद करे. हम सभी जानते हैं, कोई भी एक आहार अकेला हमे पतला नही बना सकता, हम दिन भर जो भी खाते और पीते हैं वहीं अंत में 70% निर्धारित करता हैं की हमरा फैट बढ़ेगा या कम होगा(वजन कम होने का विज्ञानं यहाँ देखे). इसलिए आपकी डाइट में जुड़ने वाला हर एक आहार महत्वपूर्ण हैं.

इसीलिए हमने ऐसे 10 आहरो की सूची बनाई हैं, जो आपका वजन कम करने मे मदद करेंगे. और आप इन्हे अपने सुबह, दिन, रात के खाने और स्नैक्स मे काम लेकर एक सम्पूर्ण डाइट बना सकते हैं.

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1. जौ की रोटी (Barley)

50% से ज़्यादा भारतीयों का मुख्य खाना हैं गेहूं की रोटी, जिसे वो तीनो समय खाते हैं. मतलब सबसे ज़्यादा असर हम पर रोटी का ही होता हैं. गेंहू रोटी हमारे शरीर मैं ब्लड शुगर को तेज़ी से बढ़ा देती हैं और फिर तेज़ी से कम कर देती हैं(High Glycemic Index). इसमें ग्लूटन की मात्रा भी अधिक होती हैं जिससे हमारी पाचन पर ग़लत असर पड़ता हैं.  इन सभी चीज़ों से ये फैट बढाती हैं और वजन कम नही होने देती.

पर हम सभी के दिमाग़ मैं पहला प्रश्न आता हैं, फिर क्यूँ हम इसे दशको से खा रहें हैं.

आज के 40 साल पहले के गेहूं और आज के हाइब्रिड और किटनाशक से पैदा किये जाने वाले गेहूं मे काफ़ी फर्क हैं. दूसरा आज की जीवन चर्या और 40 साल पहले की जीवन चर्या मैं भी काफ़ी फ़र्क हैं. हमारी जीवनचर्या की वजह से हम पर ये ज़्यादा ग़लत असर डालती हैं, ख़ासतौर से उसका परिणाम हमारा मोटापा होता हैं.

गेंहू रोटी फाइबर का अच्छा श्रोत है पर हम वो फाइबर सब्जियों से भी ले सकतें हैं.  इसका एक अच्छा विकल्प हैं जौ(barley) की रोटी,

जौ की रोटी कैसे मदद करती हैं – जौ मे हमारे शरीर के लिए जरुरी कई विटामिन और मिनरल्स होते हैं, एंटीऑक्सीडेंट्स होने के साथ साथ इसमें फाइबर की मात्रा अच्छी होती हैं, जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के साथ साथ, हमे ज़्यादा देर तक भरा भरा महसूस कराती हैं जिससे हम कम कैलोरी का सेवन करते हैं. और ये  हमारे पाचन को भी बेहतर बनाती हैं.

कितना खाये –  100 ग्राम जौ मैं 354 कैलोरीज होते हैं. एक सामान्य आकर की गेंहू की रोटी(35ग्राम) मे 110 कैलोरीज होती हैं और 1 सामान्य आकर की जो की रोटी(35ग्राम)  मे 125 कैलोरीज होती हैं.   जौ का पानी भी वेट लॉस के लिए काफ़ी फायदेमंद होता हैं.

2. बादाम

बादाम जो की छोटे आकर के बड़े ऊर्जाश्रोत के हिसाब से भी जाना जाता हैं. ये पोषक तत्व जैसे विटामिन बी, मॅंगनीस, कॉपर, मॅग्नीज़ियम का अच्छा श्रोत होने के साथ, फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स का बड़ा श्रोत होता हैं. जो हमारे शरीर को ऊर्जा देने के साथ साथ हमारी भूख को भी कम करता हैं. हमे ज़्यादा देर तक भरा भरा महसूस करता हैं, जिससे हम कम कैलोरी का सेवन करतें हैं. ख़ासतौर से ये हमारे पेट की चर्बी को कम करके पेट अंदर करता हैं.

कैसे खाए – भीगे हुए बादाम ज़्यादा गुणकारी होते हैं क्यूँ की बादाम की चाल मैं ऐसे तत्व होते हैं जो सभी पोषक तत्वों को काम मे लेने से रोकते हैं. 8-10 घंटे भिगोने के बाद उसकी छाल को हटाने से हमारा शरीर सभी पोशाक तत्वो का उपयोग कर पाता हैं.

कब खाएं – बादाम एक अच्छा स्नैक हैं, जो आप हल्के खाने के रूप मे खा सकते हैं. एक स्वस्थ इंसान को 23 बादाम रोज खाने चाहिएं पर आप इसे अपने कैलोरी डाइट के हिसाब उपयोग करें. बहुत ज़्यादा सेवन करने से ये आपको मोटा बना सकता हैं.

कैलोरी – 100 ग्राम बादाम मे 576 कैलोरी होती हैं. अनुमान के लिए एक सामान्य आकर का बादाम लगभग एक ग्राम का होता हैं.इस हिसाब से 10 बादाम(57.6 कैलोरी) एक दिन में खाने से वो मोटापा कम करने मे सहायक होतें हैं.

स्वास्थवर्धक फायदे – रोज सेवन करने पर बादाम दिल की बीमारी, स्तन कैंसर से बचाता हैं, तव्चा को चमकदार बनाता हैं,आपको ज़्यादा उर्जा देता हैं, इसलिए इसे व्यायाम से पहले खाने की भी सलाह दी जाती हैं.

बादाम

3. सेब

सेब मे लगभग 85% पानी होता हैं जिससे वो एक कम कैलोरी आहार बन जाती हैं. इसमें पानी के साथ फाइबर की मात्रा भी काफ़ी होती हैं. पानी और फाइबर दोनो ही हमे ज़्यादा देर तक भरा भरा महसूस कराते हैं, जिससे हम कम कैलोरी का सेवन करतें हैं (शोध यहा देखे). जिससे ये वजन कम करने मे काफ़ी सहायक होता हैं. याद रखने वाली बात ये हैं की सेब हमें 11 गुना ज़्यादा लंबे समय तक भरा भरा महसूस करता हैं सेब के रस की तुलना मे, इसलिए सेब के रस की जगह सेब का ही सेवन करें.

सेब हमारे ब्लड शुगर स्तर को भी ज़्यादा नही बढ़ता(Low Glycemic Index) जिससे ये वजन कम करने के साथ साथ वजन को नियमित करने मे भी काम आता हैं.

सेब मे फाइबर के साथ विटामिन सी और पोटेसियम से भी भरपूर होता हैं. इसके साथ यॅ एक अच्छा एंटीऑक्सीडेंट हैं. और सेब सिर्फ़ वजन कम करने के लिए ही नही, हमारे शरीर को स्वस्थ रखने मे भी काफ़ी मदद करता हैं.

इसीलिए तो कहतें हैं, दिन का एक सेब आपको स्वस्थ और निरोगी रखता हैं.

कब खाएँ – छोटे सेब को स्नॅक्स के समय खाना अच्छा रहता हैं, और आप इसे खाने से पहले भी खा सकतें हैं, जिससे आप खाना कम खाएँगे. लेकिन इसकी मात्रा अपनी कैलोरी डाइट के अनुसार निर्धारित करे.

कैलोरी – एक सामान्य आकर के 200 ग्राम सेब मे तकरीबन 100 कैलोरी होती हैं
स्वास्थवर्धक फायदे – दिल को स्वस्थ रखता हैं, कैंसर से बचाता हैं, शरीर को निरोगी बनता हैं.

सेब

4. पालक – (हरी सब्जयां)

हम सभी जानते हैं मोटे होने का एक बड़ा कारण हमारी मीठा/फ़ास्टफूड खाने की इच्छा होना और खाना. पर इसका भी उपाय हैं. युरोप की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी के एक शोध के अनुसार, हरी सब्ज़िओं जैसे पालक मैं थिलकोईड्स (Thylakoids) नामक तत्व पाया जाता हैं, जो हमारे दिमाग़ को भोजन से संतुष्टि मिलने के संकेत भेजता हैं और हमारी मीठा, फ़ास्टफूड और बाकी हाइ कारबोहाइड्रेट और कैलोरी वालें आहरो को खाने की तिव्र इच्छा को काफी कम कर देता हैं, या यूँ कहो की ख़त्म कर देता हैं.

थिलकोईड्स हमारी हाइ कारबोहाइड्रेट आहार खाने की इच्छा को 95% तक कम करता हैं और 43%वजन कम करने की प्रक्रिया को तेज करता हैं.

पालक लगभग एक संपूर्ण वजन कम करने वाला आहार हैं, कम कैलोरी होने के साथ इसमे लगभग सभी पोषक तत्व जैसे विटमिन्स, मिनरल्स, ज़िंक, कैल्सियम, आइरन, मॅग्नीज़ियम, फॉस्फरस, पौटेशियम, कॉपर, मैग्निस वगैरह होते हैं. इसके साथ इसमें डाइटरी फाइबर होता हैं, जो धीरें धीरें पचता हैं और संपूर्ण तरीके से नही पचता. जिससे हमें ज़्यादा समय तक भूख का अनुभव नही होता.

कैसे खाएँ – इसको उबाल कर सब्ज़ी बना के या सलाद मे या इसका रस निकल के भी पी सकतें हैं.

कब खाएँ – इसके जूस को मुख्य खाने से पहले पीने से काफ़ी समय तक भूख नही लगती.

कैलोरी – 100 ग्राम ककचे पालक मे सिर्फ़ 23 कैलोरी होती हैं. इसके साथ ये प्रोटीन का भी अच्छा श्रोत हैं.

स्वास्थवर्धक फायदे – रोगप्रातिरोधक क्षमता बढ़ाता हैं, तव्चा को चमकदार बनता हैं, हड्डियों को मजबूत करता हैं, दिमाग़ और तंत्रिका तन्त्र को सुद्रढ़ करता हैं, सूची बहुत लंबी हैं इसकी.

पालक

5. दालें और बीज (Pulses)

दाल वजन कम करने के लिए स्वास्थवर्धक और काफ़ी सस्ता श्रोत हैं. खास तौर से शाकाहारीओ के लिए. कई विटामिन्स, मिनरल्स और कम फैट होने के साथ साथ, दाल मे फाइबर की मात्रा बहुत होती हैं, जिससे हम भरा भरा महसूस होता हैं और पाचन तंत्र अच्छा रहता हैं.

एक रिसर्च के अनुसार दाल हमें 31% ज़्यादा भरा भरा महसूस करती हैं, जिससे हम कम कैलोरी का सेवन करतें हैं.

दाल प्रोटीन का बड़ा श्रोत हैं, ये हमारे ब्लड शुगर को नियमित करता हैं, जिससे हमें ज़्यादा कैलोरी वाली चीज़ें खाने का मन नही होता. और हम सभी जानते हैं प्रोटीन से हमारी मासपेशियां बढ़ती हैं, जिससे फैट बर्न होता हैं. जो वजन कम करने के साथ साथ हमारे शरीर को अच्छा आकर भी देता हैं.

दाल सिर्फ़ हमें दुबले करने मे ही मदद नही करती, ये आपका वापस वजन बढ़ने भी नही देती. इसीलिए शाकाहारीओ के लिए दाल एक महत्वपूर्ण आहार हैं किसी भी डाइट मे .

कौनसी दाल– खासतौर से मूँग, छोले, काले चने, राजमा वजन कम करने मे सहायक होते हैं.

कैलोरी – प्रति 100 ग्राम मूँग मे 347 कैलोरी, छोले मे 364 कैलोरी, राजमा मे 333 कैलोरी होती हैं.

कब खाएँ – क्यूँ की इनमें कैलोरी काफ़ी होती हैं तो इन्हे अपने मुख्य भोजन मे खाना चाहिएं, जिससे आपको लंबे समय तक भूख ना लगे और स्नॅकिंग से बचो.

स्वास्थवर्धक फायदे – दिल को स्वस्थ बनाते हैं, ब्लड शुगर नियमित करतें हैं, कैंसर के जोखिम को कम करतें हैं, जरूरी पोषक तत्वो से भरपूर होने के कारण शारारिक विकास करतें हैं.

मूँग दाल

6. ओटमील

ओट्स जिसे हम जई भी कहतें हैं. एक काफ़ी पोषक तत्वो वाला स्वास्थ्यकारी आहार हैं, ये हमे स्वस्थ रखने के साथ साथ वजन कम करने मे भी मदद करता हैं. इसमें फाइबर की भरपूर मात्रा होने के साथ साथ रेसिस्टेंट स्टार्च भी होता हैं, जो धीरें धीरें पचता हैं, जिससे हमे भूख भी काफ़ी कम लगती हैं, जिससे हम कम कैलोरी का सेवन करतें हैं. इसीलिए इसे डाइयेट मे सुबह के खाने में रखा जाता हैं. पर हम इसका उपयोग दिन और रात के खाने मे भी कर सकतें हैं.

नॅशनल इन्स्टिट्यूट ऑफ हेल्थ की रिसर्च के अनुसार ओट्स मोटापा और खास तौर से पेट की चर्बी बढ़ने से रोकता हैं.

अगर आप जौ की रोटी का सेवन नही कर सकतें तो उसकी जगह ओट्स खा सकतें हैं. ओटमील को एक संपूर्ण नाश्ता बनाना के लिए मैं इसमें भीगी हुई चिया सीड्स का उपयोग करती हूँ, जो प्रोटीन का अच्छा श्रोत होते हैं, जिससे येह ओटमील के गुणों को और बढ़ा देते हैं. इसके अलावा इसमें आप बादाम, मूँगफली या अनार मिला के खा सकतें हैं. जो इसके वजन कम करने के गुणो को बढ़ा देता हैं.

कैलोरी – आधा कप या तकरीबन 45 ग्राम सूखे ओटमील मैं 35 कैलोरी होती हैं.

ओटमील

7. मिर्ची

मिर्ची वजन बढ़ने से रोकती हैं और वजन को कम करने मे भी मदद करती हैं. इसका कारण हैं मिर्ची मैं पाया जाने वाला तत्व कॅप्सेसिन(capsaicin). ये फैट बर्निंग प्रक्रिया को तेज करता हैं.

भारतीय मूल के डॉक्टर बस्करण के शोध के अनुसार हमारे शरीर मे वाइट फैट सेल्स होती हैं जो उर्जा संगृहीत करके रखती हैं और ब्राउन फैट सेल्स का काम होता हैं, वाइट फट सेल्स को बर्न करके उससे उर्जा निकलना. मिर्ची मैं पाया जाने वाला कॅप्सेसिन तत्व वाइट फैट सेल्स को ब्राउन फैट मे बदलने मे मदद करता हैं, जिससे आप ज़्यादा फैट बर्न कर पाते हो. इसीलिए हम देखतें हैं भारत मे बनने वाला ज़्यादातर हाइ फैट आहार तीखा और स्पाइसी(कई स्पाइसस के साथ) होता हैं, जिससे वो वजन बढ़ने से कुछ हद तक रोकता हैं.

अपने खाने मे और सब्ज़ी मे हरी या लाल मिर्च का उपयोग करें और इसे अपने रोज के खाने मैं सम्मिलित करें, जिससे ये मेटाबोलिस्म और फैट बर्निंग की प्रक्रिया को तेज करें.

कैलोरी – 100 ग्राम लाल मिर्च मैं सिर्फ़ 40 कैलोरी होती हैं और शिमला मिर्च मे 20 कैलोरी .

मिर्ची

8. ग्रीन टी

चाय हमारे देश मे पानी के बाद सबसे ज्यदा पिया जाने वाला पेय हैं. पर हम मीठी चाय पीते है, जो वजन बढ़ती हैं. इसका बहुत अच्छा विकल्प हैं ग्रीन टी, ये कुछ साल मे ही वजन कम करने के लिए बड़ा हथियार बन गया हैं.

ग्रीन टी पूरी तरह से स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होती हैं. इसमें कटेचिंस(Catechins) नामक एंटीऑक्सीडेंट होने के साथ, ग्रीन टी मे कैफीन(caffeine) और इजीसीजी(EGCG) तत्व पाया जाता हैं, दोनो ही हमारे मेटाबॉलिज्म को कम और फैट बर्निंग को बढ़ाते हैं.

ख़ासतौर से ग्रीन टी मे पाया जाने वाला इजीसीजी तत्व, नोरएपिनेफिरे(norepinephrine ) नामक हार्मोन को बढ़ा देता हैं, जो हमारे तंत्रिका तंत्र को जमा हुए फैट को तोड़कर उर्जा की तरह इस्तेमाल करने का संदेश भेजता हैं. अगर आप वजन कम करने के लिए व्यायाम करतें हैं तो, उससे पहले ग्रीन टी पीने से ज़्यादा लाभ होगा.

कितना पीए – दिन मे कम से कम 2.5 कप ग्रीन टी पीनी चाहिएं, एक कप मे औसतन 250ml (8 ounce) टी आती हैं, ये थोड़ी ज़्यादा हैं पर असर करने के लिए इतनी मात्रा चाहिएं.

कैलोरी – ये एक लगभग ज़ीरो कैलोरी पेय हैं अगर इसे ग्रीन टी की पीसी हुई पत्तियों और पानी से बनाया जाएँ.

बनाने की सही विधि – पानी को उबाल ले, फिर उसे 10 मिनट तक ठंडा होने दे, फिर उसे ग्रीन टी की पत्तियों पर डालें, फिर 1 मिनट के लिए गरम करके पीए.

ग्रीन टी

9. खीरा और टमाटर

खीरा और टमाटर दोनो ही कम कैलोरी के होते हैं और इनमें काफ़ीविटामिन्स, मिनरल्स, फाइबर होता हैं.

हम सभी जानते हैं, हमारा वजन बढ़ने का एक बड़ा कारण हैं, हाई कैलोरी स्नॅक्स खाना, इमोशनल ईटिंग करना, और जब भूख तेज लगी हो तो खाने पर टूट पड़ना और जरूरत से काफ़ी ज़्यादा खाने का सेवन करना. ऐसा हर दिन नही होता पर बार बार होता हैं. यहाँ खीरा और टमाटर आपकी बड़ी मदद करतें हैं.

ये कम कैलोरी और स्वास्थवर्धक होने के साथ साथ, इनमें फाइबर की अच्छी मात्रा होती हैं, जिससे ये आपको तृप्त और ताज़गी भरा महसूस कराते हैं.

ये सस्ते होने के साथ साल के 12 महीने उपलब्ध रहतें हैं. इन्हे आप काट के फ्रीज़ मैं रख दे और

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  1. जब भी भूख लगे, स्नॅक्स की जगह इन्हे खाएँ.
  2. खाना खाने से पहले हाफ प्लेट खीरा और टमाटर का सलाद खाए, जिससे आप खाने पर ना टूटे और कम कैलोरी का सेवन करें.


और इसे फैट बर्निंग आहार बनाने के लिए इस पर काली मिर्च का पाउडर, थोड़ा निम्बू रस और थोड़ी हरी मिर्च मिला कर खाएँ. ये आपका स्वाद बढ़ाने के साथ साथ वजन भी कम करेंगे.

बीच बीच मैं इन्हे थोड़ा थोड़ा खाते रहें और ये आपके वजन कम करने के अभियान को डगमगाने नही देंगे.

कैलोरी – 1 सामान्य आकर के 100 ग्राम टमाटर मे सिर्फ़ 18 कैलोरी होती हैं और एक सामान्य आकर के 200 ग्राम के खीरे मैं सिर्फ़ 32 कैलोरी होती हैं.

खीरा और टमाटर

10. नारियल का तेल

नारियल तेल को इस लिस्ट मे सिर्फ़ इसलिए रखा हैं क्यूँ की हम भारतीय 30% से ज़्यादा आहारों मे तेल का उपयोग करते है. इसका प्रबंधन करे बिना, पतला होना काफ़ी मुश्किल हैं.

नारियल तेल अगर सीमा मे खाया जाएँ तो ये वजन कम करेगा, ज़्यादा खाने पर ये आपका फैट बढ़ाएगा ही. हम भारतीय सब्ज़ी तीनो समय के खाने के साथ खाते हैं. चाहे वो रोटी के साथ हो या चावल के साथ. और उसमें तेल का अच्छा उपयोग होता हैं. एकदम से हम तेल वाली सब्ज़ी खाना बंद भी नही कर सकतें. इसीलिए इसे सीमा मे प्रयोग करना ही इसका इलाज है.

एक दिन मे तक़रीबन 15 ग्राम तक नारियल तेल का इस्तेमाल करने पर वो वजन कम करने मे सहायक होता हैं. नारियल तेल में मीडियम चैन फैटी एसिड्स (medium chain fatty acids ) होते हैं जिसका मतलब वो अपने शरीर में जल्दी ऊर्जा में बदलते है, फैट की तरह कम जमा होते हैं और मेटाबॉलिज्म और फैट बर्निंग 5% बढ़ा देते हैं. इसके साथ ये MCT फैट्स आपको भरा भरा महसूस करतें हैं, जिससे आप कम कैलोरी का सेवन करतें हैं. और कई अध्यनो के अनुसार नारियल तेल ख़ासतौर से पेट के आसपास की चर्बी को कम करता हैं.

इसका विकल्प – अगर आप नारियल तेल काम मैं नही ले सकतें तो एक्सट्रा वर्जिन ऑलिव तेल इस्तेमाल करें.

कैलोरी – तेल पूरी तरह से फैट होता हैं, जिसका मतलब हर 1 ग्राम तेल मे 9 कैलोरी फैट होता हैं, जी हां ये बहुत ज़्यादा हैं.

कितना खाए – वजन कम करने के लिए इसे कम से कम खाए. 15-20ml (135-180 कैलोरी ) नारियल तेल इस्तेमाल करने से वो आपको पतला होने मे मदद करेगा पर उसे ज़्यादा खाने पर, वो आपको मोटा ही करेगा.

ये सभी आहार आपको सिर्फ़ पतला बनने मे मदद नही करेंगे, आपको स्वस्थ और उर्जावान भी बनाएँगे. क्यूँ की ये सभी आहार स्वास्थवर्धक खाने मे आते हैं.

एक स्वस्थ दिमाग़, शरीर और जीवन के लिए इन्हे हमे रोज खाना चाहिएं.

NOTE - Friends, I am not dietitian or Doctor, I write information here on the basis of my own 25 kilo weight loss experience and sometimes from online research. Please take doctor advice before applying any tip, as each and every human body is different.

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