This post is also available in: English

Essential Nutrients weight loss
कई लोग, वजन कम करने के लिए, खाना काफ़ी कम कर देते हैं, जिसे वो डाइटिंग(Dieting) कहतें हैं, हाँ इससे कुछ फ़र्क पड़ता पर यॅ काम आप ज़्यादा लंबे समय तक नही कर सकतें. क्यूँ की काफ़ी कम खाने से हमारे शरीर को जिन पोषक तत्वो(न्यूट्रियेंट्स) की जरूररत होती हैं, वो उसे नही मिल पाते, और हम धीरें धीरें बीमार होने लगतें हैं, और उसे ठीक करने के लिएन हम फिर से वहीं खाना खाने लगतें हैं.

इसीलिए हेल्दी(healthy) तरीके से वजन कम करने से पहले यॅ जान लेना जरूरी हैं, वो कोनसे पोषक तत्व(Nutritions) हैं, जो हेल्दी डाईट में होने चाहिए, जिनके बिना हमारा शरीर स्वस्थ नही रह सकता.

 

न्यूट्रीशन क्या होता हैं

वैसे पहले ये जान ले की यॅ न्यूट्रीशन बला का क्या हैं, न्यूट्रीशन(Nutrition) वो प्रोसेस हैं जिससे हमारा शरीर खाने(Food) से पोषक तत्व(Nutrients) लेता हैं जो हमारे शरीर के विकास के लिए जरूरी हैं.

वैसे ऐसे 50 से ज़्यादा पोषक तत्व(न्यूट्रियेंट्स) हैं जिनकी जरूरत हमारे शरीर को रोज होती हैं. लकिन उनमें से 3 सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं, जो हमें सबसे ज़्यादा मात्रा मैं जरूरी हैं, और जो हमारी डाईट(Diet) का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए. जिन्हे macro -nutrients (वृहत पोषक तत्व) कहतें हैं. और वो हैं

  1. कार्बोहाइड्रेट
  2. प्रोटीन
  3. फैट

 

आप सभी यॅ सोच रहें होंगे की केवल इन 3 मॅक्रो-न्यूट्रियेंट्स पर ध्यान देंगे तो बाकी पोषक तत्वो(Micro-nutrients) का क्या होगा. जो खाना हम इन तत्वो के लिएन खाएँगे, उनमें सिर्फ़ ये 3 पोषक तत्व ही नही होते , उनमें बाकी कई पोषक तत्व होते हैं, अलग अलग मात्रा मे . जिससे हमारी सभी पोषक तत्वों की जरूरत पूरी हो जाती हैं.

 

चलिए अब उन तीन मैक्रो न्यूट्रिएंट्स के बारें में बात  हैं

कार्बोहाइड्रेट(Carbohydrate)

कार्बोहाइड्रेट(शर्करा) हमारे शरीर मैं उर्जा(Energy) के स्रोत का काम करता हैं. कार्बोहाइड्रेट हमारे शरीर मैं ग्लूकोस बनाता हैं, जो हमारे मस्तिष्क और मांसपेशियों को एनर्जी देती हैं(संपूर्ण विज्ञान यहाँ देखें). पर ज़्यादा मात्रा मे खाने से शरीर का मोटापा बढ़ता भी हैं.

कार्बोहाइड्रेट हमें कई फूड्स(foods) से मिलता हैं. पर मोटापा कम(Weight Loss) करने के लिएन हमें उन फुड्स(foods) को खाना चाहिएं, जिनमें शुगर की मात्रा कम हो और फाइबर और स्टार्च ज़्यादा हो. जिसे हम हाइ फाइबर एंड स्टार्ची कार्बोहाइड्रेट कहतें हैं. जो हमारे शरीर मैं ग्लूकोस धीरें धीरें बनातें हैं. जिससे हमारा चर्बी(Fat) नही बढ़ता.

हाइ फाइबर कार्बोहाइड्रेट खाने से हुमें ज़्यादा भूख भी नही लगती, जो हमे पतला होने में काफ़ी मदद करता हैं.

हमारे डाईट(Diet) मैं कार्बोहाइड्रेट कितना होना चाहिएं

हेल्दी(Healthy) तरीके से मोटापा कम करने के लिए हमें 1200-1600 कैलोरी(Calorie) का सेवन करना चाहिएं. उसमें से कार्बोहाइड्रेट की मात्रा 45% से 65% के बीच होनी चाहिएं. वैसे सबसे सही मात्रा 50% हैं. याद रखिएें, 1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट हमें तकरीबन 4 कैलोरी की एनर्जी देता हैं.

1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट = 4 कैलोरी

Indian Food जिनमें कार्बोहाइड्रेट होता हैं – आलू छिलके सहित, अनाज छिलके सहित, फ्रूट्स (जैसे तरबूज, सेब, केला), अखरोट, सूखा मेवा(काजू, बादाम , अंजीर, मूँगफली), खट्टे फल (नीम्बू , नारंगी), हरी सब्जियाँ

 

प्रोटीन(Protein)

प्रोटीन हमारे शरीर की सभी कोशिकाओ और उतको (Body Cells and Tissues ) को बनाने और ठीक करने का काम करता हैं. चाहे वो ब्लड सेल्स हो, या स्किन सेल्स, हार्मोंस हो या मसल्स. जबकि बाल और नाख़ून तो ज़्यादातर प्रोटीनसे ही बने होते हैं.

सामान्यतः जल्दी मोटापा कम(Weight Loss) करने के लिए हाइ प्रोटीन खाने की सलाह दी जाती हैं. पर कई रिसर्च के अनुसार हाइ प्रोटीन जल्दी वजन कम करने मैं मदद तो करता हैं पर आपको कई बड़ी बीमारियाँ भी साथ दे जाता हैं जैसे डाइयबिटीस, दिल की बीमारी और कॅन्सर तक.
प्रोटीन की कितनी मात्रा होनी चाहिएं हमारी डाईट मैं

हेल्दी(healthy) तरीके से वजन कम(Weight Loss ) करने के लिएन हमें हमारी डाईट(Diet) मैं 10% से 35% तक कैलोरीज़(Calories) प्रोटीन से लेनी चाहिएं.
ध्यान रखिएें 1 ग्राम प्रोटीन मैं 4 कैलोरीज़ होती हैं और 20% प्रोटीन डाईट में लेना एक आदर्श मात्रा हैं. जिससे आप अपनी तबीयत सही रखतें हुए पतले हो सकतें हैं

1 ग्राम प्रोटीन =  4 कैलोरीज़

 

शाकाहारी प्रोटीनयुक्त फूड्स (Vegetarian Protein Rich Indian Foods ) – पालक, अमरूद, मटर, जो का दलिया, फलियां , छिलके सहित अनाज, सोया दूध, दालें( जैसे राजमा, काली दाल, मुंग दाल, चावल , चना दाल, मसूर की दाल, भूरा और हरा चना(चोलिया), तिल)

मांसाहारी प्रोटीनयुक्त फूड्स (Non-Vegetarian Protein Rich Foods ) – टर्की और चिकन ब्रेस्ट. मछली (हलिबत , सोलेमन , टूना), अंडे
कुछ लोगो का मानना हैं की प्रोटीन के लिए माँसाहारी डाईट(Diet) ही एक उपाय हैं पर अगर सही मात्रा मैं सही तरीके से उपर बताएँ हुए शाकाहारी फुड का सेवन कियाँ जाएँ तो काफ़ी मात्रा मैं प्रोटीन मिल सकता हैं.

 

फैट (Fat)

अब प्रश्न यॅ रहेगा की जब शरीर की चर्बी ही कम करनी हैं तो ऐसी चीज़ें क्यूँ खाएँ जो चर्बी बढ़ाएँ. कन्फ्यूज़ मत होइए. फैट(वसा) हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी हैं, इसीलिए हम सभी की तव्चा के नीचे फैट सेल्स होती हैं, चाहें वो मोटा हो या पतला, बच्चा हो या बड़ा.

आईए पहले जानते हैं फैट हमारे लिए क्यूँ जरूरी हैं
फैट न्यूट्रिएंट भी एक अच्छा एनर्जी का स्रोत हैं, हमे 1 ग्राम फैट से 9 कैलोरी(Calorie) एनर्जी मिलती हैं, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन से कहीं ज़्यादा। फैट हमारे शरीर मैं कई विटामिनो को उपयोग लेने लायक बनता हैं, जैसे की विटामिन A. और फैट ही हमारे शरीर को उष्मारोधी(Insulated) बनता हैं, जिससे हमारे शरीर का तापमान न बदले , चाहे सर्दी हो या गर्मी.
फैट कई तरह के होते हैं, इसीलिए इसे आसान भाषा मैं अच्छे और बुरे फैट मैं बाँटा गया हैं.

अच्छा और हेल्दी फैट – अन-सैचुरेटेड फैट (unsaturated Fat) – यॅ फैट एनर्जी देने के साथ, दिल की बीमारियों(हार्ट डिसीज़) और कॅन्सर जैसी बीमारियों की संभावना कम करता हैं. और हमारा कोलेस्ट्रॉल भी कम रखता हैं.

बुरे और अनहेल्दी फैट – इसमें 2 तरह के फॅट्स आटें हैं, यॅ एनर्जी तो देते हैं पर हमारे शरीर मैं कोलेस्ट्रॉल को बढातें हैं और इससे दिल की बीमारी और कॅन्सर जैसे बीमारियों की संभावना बढ़ जाती हैं.

  1. सॅचुरेटेड फॅट्स (Saturated Fat) – जो सामान्य तापमान पर कथोरावस्था (Solid State ) में रहतें है .
  2. ट्रांस फैट (Trans Fat) – इसमें प्रोसेस्ड फुड आते हैं, और कहें तो पॅकएज्ड फुड(Packaged Food), जिसमें उसे प्रिज़र्व करने के लिए और भी कई पदार्थ(Ingredients) उसमें मिलाते हैं. तली हुई चीज़ें भी ट्रांस फैट में आती हैं.

 

तो फैट की कितनी मात्रा हमें रोज खानी चाहिएं
हम रोज की कैलोरीज़(Calories) का 20% से 35% तक का हिस्सा फैट से लेना चाहिएं. और हेल्दी(healthy) तरीके से मोटापा कम(Weight Loss) करने के लिएन आदर्श मात्रा हैं 30%. कई लोग लो-फैट डाइट की सलाह देते हैं लकिन कई रिसर्चस से पता चला हैं, लो फैट डाइट(Low Fat Diet) आपको बीमार बनाती हैं.

1 ग्राम फैट =  9  कैलोरीज़

एक और बात, हुमें सॅचुरेटेड (30% ऑफ टोटल फैट ) और अनसॅचुरेटेड फैट (70% ऑफ टोटल फैट) दोनो को अपनी अपनी डाइट मैं रखना चाहिएं, जिससे हमें सभी तरह के पोषक तत्व(nutrients) मिलें. और ट्रांस फैट से बचना चाहिएं.

अच्छे अनसॅचुरेटेड फैट फुड्स(Indian) – तेल (जैसे सोयाबीन, जैतून, मूँगफली, सनफ्लावर, मछली), सूखा मेवा(जैसे काजू, बादाम, अखरोट, पिस्ता, मूँगफली), नारियल, एग योक(Egg Yolk), अलसी(Flex Seed) , डार्क चॉकलटेस,

बुरे सॅचुरेटेड/ट्रांस फैट फुड्स – नारियल तेल, ज़्यादा तला हुआ खाना, पनीर, मक्खन, आइसक्रीम, केक्स और कुकीस, चिप्स, समुंद्री भोजन , मीट

 

डाइट बनाने का ये मतलब नही की आप अपनी मनपसंद की स्वादिष्ट चीज़ें नही खा सकतें, कभी कभी खाने मैं कोई बुराई नही हैं, जब तक की वो आपकी रोज की कैलोरी उपभोग को बढ़ा नही रही.

 

अगर आपको ये लेख अच्छा और उपयोगी लगा तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और अगर आपके मन में कोई प्रश्न हैं तो बिना सकुचाए, निचे कमेंट कीजिए।